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दिल्ली में कृत्रिम बारिश से प्रदूषण रोकने का प्रयोग विफल हुआ?”

Delhi artificial rain failed experiment photo showing aircraft spraying clouds

Delhi artificial rain failed — यह खबर हाल ही में सुर्खियों में रही जब दिल्ली सरकार ने स्मॉग और वायु प्रदूषण से राहत के लिए कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) का प्रयोग किया।
लेकिन नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं निकले। सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी तकनीकी पहल क्यों असफल रही?

कृत्रिम बारिश क्या होती है?

कृत्रिम बारिश (Artificial Rain) एक तकनीक है जिसमें बादलों में सिल्वर आयोडाइड, सोडियम क्लोराइड या ड्राई आइस जैसे रासायनिक तत्व छोड़े जाते हैं ताकि बारिश उत्पन्न की जा सके।
इसे “Cloud Seeding” कहा जाता है। इसका उद्देश्य है— हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को नीचे गिराकर हवा को साफ करना।

क्लाउड सीडिंग पर वैज्ञानिक जानकारी – IMD Officia.

दिल्ली में प्रयोग कैसे किया गया?

दिल्ली सरकार ने IIT कानपुर और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों की मदद से यह प्रयोग किया।
दो विमानों से बादलों में chemical spray किया गया ताकि बारिश हो और प्रदूषण घटे।
लेकिन मौसम की परिस्थितियाँ साथ नहीं दे सकीं — नमी (humidity) कम थी और बादल पर्याप्त घने नहीं थे।

असफलता के मुख्य कारण (Subheading with Keyphrase)

  1. अनुकूल मौसम की कमी – कृत्रिम बारिश तभी संभव है जब बादलों में पर्याप्त नमी हो।
  2. तकनीकी सीमाएँ – cloud seeding की सफलता दर सिर्फ 30–40% होती है।
  3. प्रदूषण की तीव्रता बहुत अधिक – दिल्ली की हवा में धूल और धुएं का घनत्व इतना था कि हल्की बारिश भी असर नहीं दिखा सकी।
  4. योजनाबद्ध समन्वय की कमी – दिल्ली और NCR के बीच नीति में एकरूपता नहीं थी।

विशेषज्ञों की राय

IIT कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रयोग पूरी तरह असफल नहीं था।
उनका कहना है कि इससे भविष्य के लिए डेटा मिला, जिससे अगली बार बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

“Cloud seeding पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।” – IIT Kanpur Research Team

क्या कृत्रिम बारिश समाधान बन सकती है?

कई देशों में जैसे चीन, दुबई और अमेरिका में इस तकनीक का उपयोग होता है, लेकिन यह हमेशा सफल नहीं होती।
प्रदूषण कम करने के लिए यह सिर्फ अस्थायी उपाय है, स्थायी नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली को वाहनों, निर्माण कार्य और पराली जलाने पर नियंत्रण जैसे स्थायी कदम उठाने होंगे।


आगे का रास्ता

“Delhi artificial rain failed experiment photo showing aircraft spraying clouds”

दिल्ली सरकार अब इस प्रयोग के नतीजों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर रही है।
संभव है कि आने वाले वर्षों में इसे और आधुनिक तकनीकों के साथ दोबारा आज़माया जाए।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जानकारी देखें
TMSCB Section पढ़ें

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